| साहरितà¥à¤¯à¤¿à¤• मानदणà¥à¤¡à¥‹à¤‚ के बदलाव का पà¥à¤°à¤ | इकà¥à¤•ीसवीं सदी के हिनà¥à¤¦à¥€ साहितà¥à¤¯ में दà | डॉ.रमेश कà¥à¤®à¤¾à¤° | 4 | 1 | 1st | 2018 | 978-93-86113-74-0 | पूजा ऑफसेट | दिलà¥à¤²à¥€ | No |
| आधार और अधिरचना के बहाने पà¥à¤°à¥‡à¤®à¤šà¤‚द का प | पà¥à¤°à¥‡à¤®à¤šà¤‚द à¤à¤• पूनरà¥à¤®à¥‚लà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन | डॉ.सà¥à¤®à¤¾ टी.आर | 5 | 1 | 1st | 2018 | 978-93-88434-29-4 | वाणी पà¥à¤°à¤•ाशन | नयी दिलà¥à¤²à¥€ | No |
| पà¥à¤°à¥‡à¤®à¤šà¤‚द और हिनà¥à¤¦à¥€ कथा आलोचना | वाकॠ| सà¥à¤§à¥€à¤¶ पचौरी | 03 | 1 | 1st | 2017 | 2320-818X | VANI PUBLISHER | NEW DELHI | No |
| समकालीन हिनà¥à¤¦à¥€ सिनेमा में किसान-मजदूठ| समकालीन हिनà¥à¤¦à¥€ साहितà¥à¤¯ : किसान à¤à¤µà¤‚ शà¥à¤° | पà¥à¤°à¥‹.सीमाराम के पवार | 2 | 1 | 1st | 2017 | 978-81-928158-6-2 | इनà¥à¤Ÿà¤°à¤¨à¥ˆà¤¶à¤¨à¤² पबà¥à¤²à¤¿à¤•ेशन | कानपà¥à¤° | No |
| हिनà¥à¤¦à¥€ आलोचना में नठमानों की तलाश | वाकॠ| सà¥à¤§à¥€à¤¶ पचौरी | 09 | 1 | 1st | 2017 | 2320-818X | vani publisher | new Delhi | No |
| कातà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¨à¥€ की संवेदनातà¥à¤®à¤• कविता का आतॠ| समकालीन हिनà¥à¤¦à¥€ साहितà¥à¤¯ में नारी संवेठ| डॉ.दयानंद सालà¥à¤‚के | 4 | 1 | 1st | 2017 | 978-81-89187-51-4 | विनय पà¥à¤°à¤•ाशन | कानपà¥à¤° | No |
| साहितà¥à¤¯ के समाजशासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤¯ आइने में 'जूà | समकालीन साहितà¥à¤¯ और दलित विमरà¥à¤¶ | पà¥à¤°à¥‹.संजय à¤à¤².मादार | 4 | 1 | 1st | 2017 | 978-81-7965-281-7 | बालाजी ऑफसेट | दिलà¥à¤²à¥€ | No |
| नारी असà¥à¤®à¤¿à¤¤à¤¾ : विà¤à¥à¤°à¤® और यथारà¥à¤¥ | आधà¥à¤¨à¤¿à¤• हिनà¥à¤¦à¥€ साहितà¥à¤¯ के नठविमरà¥à¤¶ | डॉ.बी जगदीश शेटà¥à¤Ÿà¥€ | 3 | 1 | 1st | 2016 | 978-81-8390-191-8 | आर.आर .पà¥à¤°à¤¿à¤£à¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ | दिलà¥à¤²à¥€ | No |
| असà¥à¤®à¤¿à¤¤à¤¾ मूलक चिंतन का विकसित रूप औ 'मैठ| ऩई सदी के हिनà¥à¤¦à¥€ साहितà¥à¤¯ की बदलती पà¥à¤°à¤µ | साहेबसà¥à¤¸à¥ˆà¤¨ जहागीरदार | 4 | 1 | 1st | 2016 | 978-81-930214-2-2 | मॉडरà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤¿à¤‚टरà¥à¤¸ (ऑफसेट) | सोलापà¥à¤° | No |
| वैयकà¥à¤¤à¤¿à¤•ता से मà¥à¤•à¥à¤¤ नैतिकता बनाम चौहठ| राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¸à¥‡à¤¤à¥ | जगदीश यादव | 07 | 1 | 1st | 2015 | ISSN-2320-3455 | Rashtrasetu prakashan | Raipur | No |